वान के मुरादिये ज़िले में एक जलप्रपात है जिसे स्थानीय लोग एज़ीदी जलप्रपात के नाम से जानते हैं। इसका नाम पूर्वी तुर्की में एज़ीदियों की ऐतिहासिक उपस्थिति का जीवित निशान है और यह याद दिलाता है कि एज़ीदियों ने उन भूमियों पर स्थायी छाप छोड़ी, जहाँ से कई लोगों को जबरन जाना पड़ा।

एज़ीदी जलप्रपात मुरादिये घाटी में, ज़िले के केंद्र से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। हालाँकि आज इस स्थान को एक अन्य नाम, याशार केमाल जलप्रपात, से भी जाना जाता है, लेकिन एज़ीदी जलप्रपात नाम का इस्तेमाल स्थानीय लोग पूरे इतिहास में करते आए हैं और जलप्रपात का उल्लेख करते समय आज भी यही नाम अधिक प्रचलित है।

विस्थापन, उत्पीड़न और जबरन प्रवासन के बाद भी भूमि स्वयं एज़ीदी अस्तित्व के निशान संजोए हुए है। स्थानों के नाम ऐतिहासिक साक्ष्य होते हैं। वे बताते हैं कि किसी क्षेत्र में कौन रहता था, किसने उसकी स्मृति को आकार दिया और किसकी उपस्थिति आज भी उस भू-दृश्य में समाई हुई है। एज़ीदी जलप्रपात नाम ऐसी ही एक याद के रूप में मौजूद है। स्थानीय लोगों द्वारा इस नाम का लगातार इस्तेमाल इस बात की पुष्टि करता है कि एज़ीदी इन भूमियों के लिए अजनबी नहीं थे। वे इन भूमियों से जुड़े थे, यहाँ रहते थे और अपने पीछे ऐसे नाम, स्मृतियाँ और पवित्र संबंध छोड़ गए जिन्हें मिटाया नहीं जा सका।

एज़ीदी जलप्रपात स्मृति, पहचान और अस्तित्व का प्रतीक है — इस बात का प्रमाण कि एज़ीदियों को उनकी पैतृक भूमियों से जबरन दूर कर दिए जाने के बाद भी उनका नाम बना रहा।