एज़ीदी नववर्ष और उसकी उत्पत्ति
एज़ीदी नववर्ष, जिसे [Çarşema Serê Salê/ Çarşema Serê Nisane] या [Eida Tawsi Melek] के नाम से भी जाना जाता है, एज़ीदी धर्म शरफ़दीन के सबसे प्राचीन और पवित्र धार्मिक तथा सामाजिक त्योहारों में से एक है। इसे पूर्वी कैलेंडर के अनुसार अप्रैल के पहले बुधवार को मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से तेरह दिन बाद पड़ता है। कुछ एज़ीदी धार्मिक अवसरों के विपरीत, जो केवल धर्मगुरुओं तक सीमित होते हैं, यह त्योहार एज़ीदी लोगों द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाता है, जो इसके गहरे सामूहिक महत्व को दर्शाता है।
शरफ़दीन में यह त्योहार जीवन की उत्पत्ति और स्वयं सृष्टि की शुरुआत से गहराई से जुड़ा है। पवित्र परंपरा के अनुसार, ईश्वर ने अपने दिव्य प्रकाश से एक आदि तत्व की रचना की, जिसे अक्सर एक प्रकाशमान मोती [dur] के रूप में समझा जाता है। इसी मूल से अस्तित्व के मूलभूत तत्व—जल, अग्नि, वायु और पृथ्वी—उत्पन्न हुए, जिनसे संसार का निर्माण हुआ। एक अन्य केंद्रीय मान्यता के अनुसार, ईश्वर ने देवदूतों के प्रमुख [Tawûsî Melek] को बुधवार के दिन पृथ्वी पर भेजा, जिन्होंने इसे निर्जीव अवस्था से उर्वरता और रंगों से भरी जीवंत दुनिया में परिवर्तित कर दिया। इसी कारण यह त्योहार दिव्य प्रकटता, नवीनीकरण और प्रकृति के जागरण से भी जुड़ा है।
पवित्र एज़ीदी [qewl] की एक पंक्ति इस आध्यात्मिक अर्थ को दर्शाती है:
[Çarşema Serê Nîsanê
Melekê zan dihê xwarê
Dênk dike lê baharê]
अनुवाद:
नीसान के पहले बुधवार को
सर्वज्ञ देवदूत प्रकट होते हैं
वसंत के आगमन की घोषणा करते हुए
मेसोपोटामिया, नीसान और एज़ीदी नववर्ष
ऐतिहासिक रूप से, वसंत ऋतु में नववर्ष मनाने की परंपरा की जड़ें मेसोपोटामिया की सभ्यताओं में बहुत गहरी हैं। क्षेत्र के प्राचीन लोग इस मौसमी नवीनीकरण को विभिन्न त्योहारों के माध्यम से मनाते थे। सुमेरियाई लोग [Zagmuk] (“नया जन्म”) मनाते थे, जबकि बेबीलोनियाई और असीरियाई [Akitu] मनाते थे। हजारों वर्ष पुरानी ये परंपराएँ, संभवतः 5000 ईसा पूर्व तक पुरानी, उर्वरता, समृद्धि और जीवन की निरंतरता का प्रतीक थीं। इस ऐतिहासिक संदर्भ में एज़ीदी नववर्ष को एक निरंतर सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा के हिस्से के रूप में समझा जा सकता है, जो क्षेत्र में वसंत ऋतु के नवीनीकरण की सबसे प्राचीन अभिव्यक्तियों में से एक को संरक्षित किए हुए है।
[Nisan] (अप्रैल) का महीना एज़ीदी मान्यता में विशेष पवित्रता रखता है। इसे अक्सर वर्ष की दुल्हन कहा जाता है, जो सौंदर्य, उर्वरता और जीवन के खिलने का प्रतीक है। इस पवित्र अवधि के सम्मान में विवाह और कृषि कार्य जैसी कुछ गतिविधियों से परंपरागत रूप से परहेज़ किया जाता है। पृथ्वी को बिना छेड़े छोड़ दिया जाता है, जो मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरे आध्यात्मिक संबंध तथा विकास के इस मौसम में उसके नवीनीकरण की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ध्यान दें!
यह समझना आवश्यक है कि एज़ीदी नववर्ष को [“Çarşema Sor”] या [“Red Wednesday”] नहीं कहा जाता। यह हाल में बाहर से दिया गया एक नाम है, जो त्योहार के वास्तविक इतिहास या अर्थ को नहीं दर्शाता। एज़ीदियों के लिए इसका सही नाम [Serê Salê] या [Çarşema Serê Salê] है, जिसे जीवन, उर्वरता और प्रकृति के नवीनीकरण के सम्मान में नीसान के पहले बुधवार को मनाया जाता है। “लाल” शब्द का प्रयोग बाहरी परंपराओं, विशेष रूप से फ़ारसी और कुर्द नवरोज़ अनुष्ठानों, तथा एज़ीदी परंपराओं को अन्य क्षेत्रीय उत्सवों के साथ जोड़ने के प्रयासों से प्रभावित हुआ है। ऐतिहासिक और धार्मिक साक्ष्य दिखाते हैं कि एज़ीदी पवित्र भजन, रंग और अनुष्ठान हमेशा नीसान में प्रकृति के प्राकृतिक प्रस्फुटन को दर्शाते रहे हैं, जिनमें लाल रंग पर कोई एकमात्र विशेष जोर नहीं रहा। प्रामाणिक नामों को संरक्षित रखना केवल सटीकता का विषय नहीं है; यह एज़ीदी पहचान की रक्षा करने, सांस्कृतिक आत्मसातीकरण का प्रतिरोध करने और सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा का सम्मान करने का माध्यम भी है। त्योहार को गलत नाम देना उसके अर्थ को कम करता है और एज़ीदी लोगों की विशिष्ट विरासत को अस्पष्ट करता है।
एज़ीदी नववर्ष से एक दिन पहले

एज़ीदी नववर्ष की तैयारियाँ त्योहार से एक दिन पहले शुरू होती हैं और एज़ीदी जीवन में एक जीवंत तथा अर्थपूर्ण वातावरण बना देती हैं।
1. नीसान के फूल और बेनाव एकत्र करना
बच्चे और युवा गाँवों तथा आसपास के क्षेत्रों में जाकर मौसमी नीसान के फूल और [Bênav]/[Kary] एकत्र करते हैं। ये फूल वसंत, नवीनीकरण और उर्वरता के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं और बाद में उत्सव के दौरान घरों, कब्रों और पवित्र स्थलों को सजाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
2. भोजन तैयार करना और बाँटना
घर की महिलाएँ उबले और रंगे हुए अंडे तैयार करती हैं, जो जीवन के नवीनीकरण और पृथ्वी की उर्वरता का प्रतीक हैं। वे [Sawêk] नाम की एक पारंपरिक रोटी भी बनाती हैं, जिसे पड़ोसियों और रिश्तेदारों में बाँटा जाता है। परिवार अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाते हैं और सम्मान, आशीर्वाद तथा संबंध के प्रतीक के रूप में अंडे, मिठाइयाँ और अन्य भेंट साझा करते हैं।
3. फतिह (पवित्र बत्तियाँ) जलाना
त्योहार से पहले की शाम को एज़ीदियों के आध्यात्मिक नेता [Baba Sheikh], धर्मगुरुओं के साथ [Lalish] के पवित्र मंदिर पहुँचते हैं। उनके साथ [Beshimam, Baba Jawish] और [Khilmtekaria] सहित धर्मगुरु तथा बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे होते हैं।
सूर्यास्त के बाद धार्मिक अनुष्ठान शुरू होते हैं। धर्मगुरु पवित्र प्रार्थनाएँ और भजन गाते हैं, साथ ही लालिश में तैयार की गई जैतून के तेल में भीगी कपास की बत्तियाँ जलाते हैं। एज़ीदी मान्यता में प्रकृति पवित्र है और बत्तियों की संख्या वर्ष के दिनों के बराबर होती है: 365 बत्तियाँ, जिन्हें [Soga Me Arife] प्रांगण में, [Qai Gate] के सामने पत्थरों पर रखा जाता है। उस क्षण लालिश ऐसा दिखाई देता है मानो एक शाश्वत अग्नि प्रज्वलित हो उठी हो, जो ब्रह्मांड के प्रारंभिक अंधकार के बाद सृष्टिकर्ता के प्रकाश से जीवन के जन्म का प्रतीक है। इसी प्रकार की बत्ती-प्रज्ज्वलन की रस्में एज़ीदी तीर्थस्थलों और पवित्र स्थानों पर भी आयोजित की जाती हैं, जो एज़ीदी लोगों के प्रकृति और दिव्य सृष्टि दोनों के साथ गहरे संबंध को दर्शाती हैं।
एज़ीदी नववर्ष का दिन

एज़ीदी नववर्ष की सुबह परिवार पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ दिन की शुरुआत करते हैं, जो प्रकृति और सामूहिकता दोनों का सम्मान करते हैं। सूर्योदय से पहले एज़ीदी [Xwenav] से अपना चेहरा धोते हैं, जो शुद्धिकरण और नवीनीकरण का प्रतीकात्मक अनुष्ठान है।
सूर्योदय के साथ घर की महिलाएँ अपने घरों के दरवाज़ों पर [Nisan flowers, Bênav], रंगीन अंडों और थोड़े से आटे के गुच्छे रखती हैं, ताकि आने वाले वर्ष के लिए आशीर्वाद और समृद्धि का स्वागत किया जा सके।
बच्चे, युवा और पुरुष गाँवों तथा खुले स्थानों पर एकत्र होकर पारंपरिक खेल खेलते हैं और आनंदपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से जीवन तथा एकजुटता का उत्सव मनाते हैं। इस दिन भेड़ों का दूध नहीं दुहा जाता। इसके बजाय छोटे मेमने स्वयं दूध पीते हैं, जिसे [Stêkosh] नामक अनुष्ठान कहा जाता है और जो प्रकृति तथा उसके जीवों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
किसान अपने खेतों में अंडे ले जाते हैं, उन्हें तोड़ते हैं और रंगीन छिलकों को फसलों पर बिखेरते हैं, जो उर्वरता, वृद्धि और प्रचुरता सुनिश्चित करने का प्रतीकात्मक कार्य है। इसी प्रकार पड़ोसियों के साथ दही बाँटना भी एक प्रिय परंपरा है। जिन परिवारों के पास भेड़ें होती हैं वे मित्रों को दही देते हैं, और बदले में मित्र रंगे हुए अंडे उपहार में देते हैं, जिससे उदारता और सामूहिक भावना के संबंध मजबूत होते हैं।
एज़ीदी नववर्ष नवीनीकरण, आशीर्वाद और जीवन का उत्सव है। यह आस्था, प्रकृति, स्मृति और आनंद को एक साथ जोड़ता है और एज़ीदी लोगों को सृष्टिकर्ता, पृथ्वी और मानवता के बीच के पवित्र संबंध की याद दिलाता है।
मैं आप सभी को आनंदमय और आशीर्वादपूर्ण एज़ीदी नववर्ष की शुभकामनाएँ देता हूँ।
[Çarşema Nîsanê lê we pîroz be!]
यह त्योहार पूरे विश्व में खुशी, शांति और आशा लेकर आए और हर एज़ीदी परिवार तथा प्रत्येक व्यक्ति का जीवन आनंद से भर दे। यह दिन सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी बने और दुनिया नवीनीकरण, सद्भाव तथा उज्ज्वल नई शुरुआतों को अपनाए।
Happy new year habibti I wish all the best for you I wish all the happiness to you because you deserve it .